Hindi Story छमा करने वाला सुख की नींद सोता है Hindi Stories

Hindi Story छमा करने वाला सुख की नींद सोता है Hindi Stories

Best Hindi Story छमा उठाती है ऊँचा आप को : व्यक्ति बदला लेकर दुसरे को नीचा दिखाना चाहेता है, पर इस प्रयास में वो खुद बहुत नीचे उतर जाता है.

एक बार एक धोबी नदी किनारे की शीला पर रोज की तरह कपडे धोने आया | उसी शीला पर कोई महाराज भी धियनास्थ  थे | धोबी ने आवाज़ लगायी, उसने नहीं सुनी | धोबी को जल्दी थी, दूसरी आवाज़ लगायी वो भी नहीं सुनी तो धक्का मार दिया.

धियानस्थ की आँखें खुली, क्रोध की जवाला उठी दोनों के बीच में खूब मार -पिट और हाथा पायी हुयी | लूट पिट कर दोनों अलग अलग दिशा में बेठ गए | एक व्यक्ति दूर से ये सब बेठ कर देख रहा था | साधु के नजदीक आकर पूछा, महाराज आपको जियादा चोट तो नहीं लगी, उसने मारा बहुत आपको | महाराज ने कहा, उस समय आप छुडाने  क्यों नहीं आए? व्यक्ति ने कहा, आप दोनों के बीच मे जब युद्ध होरहा था उस समय में यह निर्णय नहीं कर पाया की धोबी कोन हैऔर  साधू कोन है?

प्रतिशोध और बदला साधू को भी धोबी के स्तर पर उतार लाता है | इसीलिए कहा जाता है की, बुरे के साथ बुरे मत बनो, नहीं तो साधू  और शठ की किया पहेचान | दूसरी तरफ, छमा करके व्यक्ति अपने स्तर से काफी ऊँचा उठ जाता है | इस प्रकिर्या में वो सामने वाले को भी ऊँचा उठने और बदलने की गुप्त प्रेरणा या मार्गदर्शन देता है.

“प्रतिशोध और गुस्से से हम कभी कभार खुद को नुक्सान पहुचां बेठ ते हैं जिस से हमें बाद में खुद बहुत पछतावा होता है आईये हम कुछ बातें जानते हैं इस से जुडी हुयी.”

1. दोस्तों गुस्से में लिया गया फैसला अक्सर करके गलत ही साबित होता है, तो इसीलिए हमें खुद पर काबू रखना बहुत जरुरी है.

2. छमा करने से सामने वाले व्यक्ति के नजर में हमारी इज्जत, सम्मान और बढ़ जाती है.

3. गुस्सा करने वाला व्यक्ति हमेशा खुद का ही नुक्सान पंहुचाता है.

4. गुस्से में हमेशा अक्सर करके वो काम होजाता है जिस से हम दूसरों को और खुद को भी नुक्सान पहुचाने के साथ साथ लोगों के दिलों में नफरत पैदा कर देते हैं.

5. दोस्तों आपको जब भी गुस्सा आये या किसी के ऊपर गुस्सा हो तो हमें चाहिए की वो Time हम अपने Mind को शांत रखें (Control करना सीखें) या फिर हम वहां से कहीं दूसरी जगह पर चले जाएँ कुछ समय के लिए.

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23 thoughts on “Hindi Story छमा करने वाला सुख की नींद सोता है Hindi Stories

  • November 25, 2015 at 12:10 pm
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    Thanks Abdul Bro Share My Story

    Reply
    • November 26, 2015 at 4:24 am
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      आपका बहुत बहुत धन्यवाद अकबर जी ,जो आप ने अपना सहियोग दिया |

      Reply
  • March 18, 2016 at 7:26 pm
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    Bahut hi achhi baat batayi aapne abdul ji….sach me padh kar bahut hi achha laga…aese hi motivation aur achhi jaankari bhejte rahen…gussa sach me insaan ko khajata hai…

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    • March 19, 2016 at 5:36 am
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      बहुत बहुत धन्यवाद संदीप यादव जी, सही कहा आपने संदीप साहेब गुस्सा सच में इंसान को खाजाता है, इसीलिए हमें इस से बचना चाहिए,और संदीप जी जरुर यहाँ पर प्रेरणादायक कहानी ,और भी अच्छी से अच्छी जानकारी में आप सभी तक पहुचाने की पूरी कोशिश करूँगा..

      Reply
  • March 18, 2016 at 7:30 pm
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    Very nice story hai sir ji…..realy inspiration kahani hai…is choti si kahani se bahut badi sikh mil rahi hai

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    • March 19, 2016 at 5:37 am
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      जी विवेक जी एक छोटी से कहानी से भी हमें बहुत कुछ सिख मिलती है, आपका बहुत बहुत हार्दिक स्वागत है…धन्यवाद.

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  • April 6, 2016 at 12:16 pm
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    Very nice article…sach me best hindi article hai

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  • July 25, 2016 at 9:49 pm
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    Very nice hindi story

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  • August 10, 2016 at 3:37 pm
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    MEINE APSE EK QUESTION YAHI KIYA THA KI INSAN KO GUSSA NAHI KARNA CHAHIYE AUR YADI KARTA BHI HAI TO EKDAM ALAG JAGAH PAR CHLE JANA CHIHIYE.GUSSE ME ADAMI APNA HI NUKSAN KARTA HAI.CHALO MUJHE APANE QUESTION KA UTTAR MIL GAYA.ES LEKH SE HAME YAHI SIKSHA MILTI HAI.

    BAHUT DHNYABAD APKI IS KAHANI KE LIYE.

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    • August 10, 2016 at 5:33 pm
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      बहुत बहुत धन्यवाद आपका जी..

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  • March 25, 2017 at 5:14 pm
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    very nice story

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