Jeevan Ka Satya in Hindi जीवन का सत्य

Jeevan Ka Satya in Hindi जीवन का सत्य

आप पूरी पृथ्वी पर कारपेट नहीं बिछा सकते, किन्तु आप एक जोड़ी जूते पहेनकर इसे महेसूस कर सकते हैं, यह कहावत भी अच्छे नजरिये के उस पहेलु को दर्शाती है की जो हमारे पास नहीं हैं उसका रोना रोने के बजाये जो हमें कुदरत से मिला है, उसी में जिन्दगी को आनंद से जियें. जिस दिन हम अपने नजरियें में अच्छा और सकारात्मक बदलाओं ले आयेंगे, उस दिन से हमारी परेशानियाँ, चिंताएं सब कुछ ख़तम हो जायेंगी, फिर आप भी केह सकेंगे नजरिया बदलिए नज़ारे बदल जाएंगे. और ऐसे ही कुछ हिंदी कहानियां इस Post ( Jeevan Ka Satya in Hindi ) में पब्लिश कर रहा हूँ उम्मीद है आपको बहुत पसंद आएगा.

आप जो भोजन दान करते हैं. वो पेट में चार घंटे रहता है, जो वस्त्र दान करते हैं, वो चार महीने रहता है. लेकिन जो ज्ञान है वो तुम्हारी अंतिम रवांश  तक साथ रहता है. और संस्कार बनकर तुम्हारे साथ ही जाता है ज्ञान का बीज व्यर्थ नहीं जाता कभी भी. जो है जितना है सफल करते चलो सफल करने से सफलता मिलती ही है. हर व्यक्ति को हर बात को Positive तरीके से देखो, सुनो या सोचो. हम जितना जियादा पढ़ते हैं, सुनते हैं, समझते हैं, हमें अपनी अज्ञानता का उतना ही जियादा अहेसास होता जाता है.

जीवन का सत्य (Jeevan Ka Satya in Hindi Prernadayak Story)

दोस्तों हम सब अपनी पूरी life देखते देखते ऐसे ही गुजार देते हैं, कभी ये सोचने पे जोर नहीं देते की जीवन का सत्य किया है (jeevan ka satya kya hai), ईश्वर ने हमें क्यूँ बनाया ? बस हम अपनी जीवन में व्यस्त हैं. और अंतिम समय में भी कुछ लोग मानव जीवन का महत्त्व (Manav Jeevan Ka Mahttav) को नहीं समझ पाते. और बाद में पछताते हैं. आज हम इस Jeevan Ka Satya in Hindi Post में पढेंगे ऐसे ही एक धनवान सेठ की कहानी जिस से हम प्रेरणादायक श्रोत सिखने मिलते हैं.

दोस्तों एक गाँव में एक बहुत बड़ा धनवान रहेता था, लोग उसे सेठ- सेठ के नाम से भी पुकारते थे, उस सेठ के पास प्रचुर मात्रा में धन संपत्ति थी, उसके सगे संबंधी, रिश्तेदार, भाई बहेन हमेशा उसे घेरे रहेते थे, सेठ को एक पल के लिए भी अकेला नहीं रहेने देते थे, सेठ भी उन सभी लोगों की काफी मदद करता था. तभी अचानक कुछ समय बाद सेठ को भयंकर रोग लग गया.

इस भयंकर बिमारी का सेठ ने बहुत उपचार करवाया लेकिन इसका इलाज नहीं हो सका. इस बड़ी बीमारी के कारण सेठ की मृत्यु हो गयी. यमदूत उस सेठ को अपने साथ ले जाने के लिए आगये, जैसे ही यमदूत सेठ को लेजाने लगे तभी सेठ ने थोड़ी दूर जाकर दूतों से प्रार्थना कि “मुझे थोडा सा समय देदो में लोटकर तुरंत आता हूँ” दूतों ने उसे अनुमति देदी. सेठ लौटकर गया, चारों और नजरें घुमायीं और वापस यमदूतों के पास आकर बोला “शिग्र चलिए” यमदूत उसे इस प्रकार अपने साथ चलने के लिए तैयार देख कर चकित रेह गए और सेठ से इसका कारण पूछा.

सेठ बोला, मेने हेराफेरी करके अपार धन एकत्रित किया था, लोगों को खूब खिलाया-पिलाया, और उनकी बहुत मदद की थी, सोचा था की वो मेरा साथ कभी नहीं छोड़ेंगे, अब जब इस दुनिया को सदा के लिए छोड़ कर जारहा हूँ तो वो सब बदल गए हैं, मेरे लिए दुखी होने के बजाये ये अभी से मेरी संपत्ति को बाटने की योजना बनाने लगे हैं किसी को भी मेरे लिए अफ़सोस नहीं हैं ”.

सेठ की बात सुनकर यमदूत बोले, इस संसार में प्राणी अकेला ही आता है और अकेला ही जाता है, इंसान जो भी अच्छा या बुरा कर्म करता है उसे उसका परिणाम स्वयं ही भुगतना पढता है, हर प्राणी इस सत्य (Jeevan Ka Satya) को समझता तो है पर देर से.

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35 thoughts on “Jeevan Ka Satya in Hindi जीवन का सत्य

  • March 29, 2016 at 9:38 am
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    Nice मोटिवेशन स्टोरी achhisoch.com and Abdul jiii
    aise hi मोटिवेशन स्टोरी aur achhi jaankari bhejte rahen

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    • March 29, 2016 at 11:37 am
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      Thankyou so much akbar ji…बहुत बहुत धन्यवाद अकबर साहेब..

      Reply
  • April 5, 2016 at 11:07 am
    Permalink

    Buhut hi achhi story he. Thanks for sharing.

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    • April 5, 2016 at 12:12 pm
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      बहुत बहुत धन्यवाद Priyanka pathak जी.

      Reply
  • April 5, 2016 at 11:39 am
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    Man me Shanti ke liye achchhi post hia.

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    • April 5, 2016 at 12:11 pm
      Permalink

      बहुत बहुत धन्यवाद Akhilesh Kumar जी.

      Reply
  • April 30, 2016 at 6:45 am
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    Bhannaat.com ki or se me roshini singh apko is poat ke liye dhanvyad krna chahti hun.

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    • May 11, 2016 at 5:13 am
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      bahut bahut dhanyewad maidam ji…aapka achhisoch family me haardik swagat hai.aap sabki duaaon aur support se aur bhi achhe se achhe post me likhunga..

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    • May 11, 2016 at 7:28 am
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      Thankyou Lucky sir ji..aapka bahut bahut dhanyewad hai

      Reply
  • May 24, 2016 at 5:29 pm
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    bahut achhe,,nice post..

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  • May 24, 2016 at 5:36 pm
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    bahut bahut sukriya aapne bahut achhi jankari share kiye he

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  • May 30, 2016 at 6:53 pm
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    Bahut Hi Achcha Likha Hai Aapne . Thanks For Sharing bro
    aapka Blog Bhi Bahut Hi Achcha hai. Keep Doning Good Work.

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    • May 31, 2016 at 6:27 am
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      Thankyou so much sir ji, aapka bahut bahut sukhriya sir ji,Welcome to achhisoch family…hamesha visit karte rahe sir aapka haardik swagat hai.

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  • July 5, 2016 at 7:55 am
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    Really it is very nice story…
    Thanks

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  • October 15, 2016 at 12:03 pm
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    Bhagwan ne hamme sabkuch diya hai bas Hume karm karna hai or choti se galti bahut bari takat ban sakti hai isliye accha soche ,acha kare ,acha bane

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  • November 19, 2016 at 7:24 pm
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    Bahut hi achhi kahani tha. Dil ko chhu gaya. Nice story.

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  • December 3, 2016 at 8:55 am
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    Nice story Mai bhi apni soch share karna chahta gun par net ki jyada jankari nahi to kaise karun please help me

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    • December 4, 2016 at 6:02 pm
      Permalink

      Ashish kumar ji aap mujhe mail kar sakte hain apni likhi huyi vichar aur apni soch me use jiyada se jiyada logon tak pahuchane ke kosish karunga is blog ki madhyem se, aap mujhe mail kar sakte hain achhisoch.com@gmail.com par ya phir whatsapp ya fb par mujhe send kar sakte hain

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