Hindi Kahaniya ऐसा झूट भी सत्य से बढ़कर है

Raja aur Mantri ki hindi kahaniya – ऐसा झूट भी सत्य से बढ़कर है.

एक बार एक Raja को अपने उस मंत्री की परीक्षा (Exam) लेने की सूझी जो किसी भी हालत में झूट नहीं बोलता था, भरे दरबार में राजा ने अपने हाथ के पंजे में एक पक्षी को लिया और मंत्री से पूछा – बताओ ये पक्षी जिन्दा है या मृत?

मंत्री के सम्मुख ये बहुत ही नयी तथा बहुत ही विचित्र परीक्षा की घडी थी, यदि अगर मंत्री कहेता की पक्षी जिन्दा है तो राजा पंजा दबा कर उस पक्षी को मार देंगे, और अगर वो कहेता की पक्षी मृत है, तो राजा  पंजा खोलकर उस पक्षी को उड़ा देंगे | मंत्री के दोनों ही उत्तर झूठा ठहराए जाने की पूरी संभावनाए थी.

आखिर कर मंत्री ने फेसला किया की यदि मेरे एक झूठ से पक्षी के प्राण बच सकते हैं तो, तो ये झूठ भी मंजूर है मुझे.

मंत्री ने कहा हे सम्राट आपके पंजे में जो पक्षी है वो मृत है, ऐसा सुनते ही राजा ने तुरंत अपना पंजा खोल दिया और वो पक्षी उड़ गया, राजा ने कहा मंत्री जी आज तो तुमने झूठ बोल ही दिया | मंत्री ने जवाब दिया – महाराज, यदि मेरे इस झूठ से इस निर्दोष पक्षी की जान बच गयी है तो यह झूठ बोलकर भी में विजयी हूँ, अगर मेरे झूठ से किसी की जान बचती है तो मुझे ये हार भी मंजूर है, और इस हार पे भी में विजयी हूँ अपने नजरों में.

इस उत्तर से राजा बहुत खुश हुए और भरे दरबार में सभी लोग मंत्री की तारीफ करने पर विवश होगये.

Moral of this Story:

मित्रों उपरोक्त ये Hindi Kahaniya बताती है की कल्याण के लिए बोला गया झूठ, कई बार सत्य से भी बढ़कर होता है, सत्य लचीला होता है, या व्यक्ति, समय, स्थान, और परिस्तिथि को परख कर निरधारित होता है, एक व्यक्ति के सम्बन्ध (नजरों) में जो झूठ है, वही दुसरे के सम्बन्ध (नजरों) में कल्याणकारी होसकता है, इसको राहत चिंतन करके समझने की आवश्यकता है.

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31 thoughts on “Hindi Kahaniya ऐसा झूट भी सत्य से बढ़कर है

  • July 31, 2016 at 8:03 pm
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    बहुत अच्छा लिखा है ,आपने सच्ची बात कही है वो झूठ सच से बेहतर होता है जिससे किसी का भला हो जाए…

    एक नई दिशा !

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    • August 1, 2016 at 2:15 pm
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      बहुत बहुत धन्येवाद आपका शाह जी…

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  • August 2, 2016 at 11:44 pm
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    Very nice story abdul sir

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  • August 4, 2016 at 9:58 pm
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    REALY VERY NICE STORY SIR JI

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  • August 7, 2016 at 12:25 am
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    Bahot khoob abdul bhai..padhkar dil khush hogaya

    Reply
  • August 12, 2016 at 2:27 pm
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    Nice inspirational story ….

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  • September 14, 2016 at 9:41 pm
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    Nice sir

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  • December 8, 2016 at 2:47 pm
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    Abdul Ji, Aap ne Achhisoch.Com ko bahut achhe se maintain kar rakha hai. Iski design just awesome kya aap bata sakte hai aapne konsa theme use kiya hai?

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  • January 18, 2017 at 1:50 pm
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    थोड़े में बहुत कुछ कह जाती कई ऐसी कहानियां जीवन को जीने के लिए इनका व्यवहारिक प्रयोग बहुत उपयोगी सिद्ध होता है। आपका प्रयास सराहनीय है।
    -नीरज श्रीवास्तव (Janjagrannews.com )

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    • January 19, 2017 at 12:25 pm
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      Thank you so much NEERAJ SRIVASTAVA ji, sahi kaha aapne kuch choti choti hindi kahani se bhi hum kaafi kuch sikh sakte hain

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  • November 27, 2017 at 10:54 pm
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    आप ने बहुत ही बढिया जानकारी शेयर किये है धन्यवाद सर, मै आपसे उम्मीद करता हु कि आप हमेशा अच्छी अच्छी जानकारी शेयर करते रहेगे मै आपके नया पोस्ट का इंतजार कर रहा हु

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  • December 17, 2017 at 11:36 am
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    अगर हमारे द्वारा बोले गये झूठ से किसी की जान बच सकती हैं, तो वह झूठ ‘झूठ’ कहलाता।

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  • January 11, 2018 at 10:31 pm
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    bhut bdhiya jankari di apne
    or sir ji me bhi blog likhta hu or me chahta hu me apke bkog pr gest post likhu agr apko thik lge to pliz mujhe btaye

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  • February 8, 2018 at 4:03 pm
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    बहुत ही inspirational कहानी है, आपका धन्यबाद

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