lalach buri bala hai story in hindi

Lalach Buri Bala Hai Story in Hindi : लालच बुरी बला है

दोस्तों एक पुरानी कहावत है की लालच से हमेशा नुक्सान हमारा खुदका हुआ है, आज हम इस छोटी से post lalach buri bala hai story in hindi में पढेंगे कुछ प्रेरणादायक सिख, की जीवन में लालच से कभी किसी का भला नहीं हो पाया है.

एक बार की बात है. एक व्यक्ति था वह पशु पक्षियों का व्यापार किया करता था. एक दिन उसे अपने गुरु को पशुपक्षियों से बातें करते देखा.

उसने अपने गुरु से पुछा कि क्या आप इनकी भाषा समझते हैं.

गुरूजी बोले- हाँ, मैं ये भी समझ सकता हूँ कि ये आपस में क्या बात कर रहे हैं.

उस व्यक्ति ने सोचा कि अगर मुझे यह विद्या मिल मिल जाए तो ये मेरे लिए लाभकारी सिद्ध हो सकती है. उसने सोचा कि वह यह विद्या जरुर सीखेगा.

यह सोचकर वह गुरूजी के पास गया और उसने पशुपक्षियों की बोली सीखने की इक्षा प्रकट की. गुरूजी ने उसे विद्या सिखा दी. और उससे कहा कि इस विद्या का कभी दुरूपयोग मत करना. कभी भी लोभ में आकर कुसी का अनहित मत करना.

वह व्यक्ति खुश होकर घर लौटा. चूँकि वह जानवरों का व्यापार करता था. तो जानवरों के पास गया. वहां अचानक उसने दो कबूतरों को आपस में बात करते हुए सुना

उसके घोड़े को कोई बीमारी हो गई है. वह एक दो दिन का ही मेहमान है अब वह बचेगा नहीं. बस फिर क्या था उसने घोड़े का इलाज़ करने के वजाय उसे आचे दाम पर बेंच दिया. बाद में पता चला वह वाकई दो दिन बाद मर गया.

उसे यकीन हो गया कि पशु पक्षी आपस में जो भी बात करते हैं वह सही होती है. वे एक दूसरे के बारे में ठीक से जानते हैं.

फिर एक दिन उसने अपने कुत्ते को कहते हुए सुना कि उसकी साड़ी मुर्गियां महामारी से मरने वाली हैं. उसने तुरंत मुर्गियों को भी बेच दिया. उसे बड़ी प्रसन्नता हुई कि वह नुक्सान से बच गया. अपने नुक्सान को किसी और के सर कर दिया.

अब उसके मन में सिर्फ लालच ही लालच था. वह हमेशा पशुपक्षियों की बातें सुनने कि कोशिश करता रहता.

फिर से एक दिन उसने अपनी बिल्ली को यह कहते सुना कि अपना मालिक बीएस अब कुछ दिनों का ही मेहमान है. यह सुनते ही वह घबरा गया. उसके लिए यकीन करना मुश्किल था मगर यकीन कैसे ना करता. आज तक पशु पक्षियों कि हर बात सच निकली है.

लेकिन जब उसने गधे को भी यही बात कहते सुना तो वह बुरी तरह घबरा गया वह  गुरु के पास पहुँचा और गुरूजी को पूरी बात सच बता दी और कहा मेरा अंत समय निकट है इसलिए मुझे कोई ऐसा काम बताइए जिसके करने से मेरी मुक्ति हो जाए.

गुरूजी बहुत नाराज़ हुए और बोले मेरी दी गई सिद्धि का तुमने बहुत गलत उपयोग किया अब एक काम ककरो जाओ अपने आप को भी बेच दो.

गुरूजी बोले अरे मूर्ख सिद्धियाँ भला कभी किसी की गुलाम हुई हैं. इंसान को अपने बुरे कर्मों का फल अवश्य मिलता है. उस फल से कोई सिद्धि नहीं बचा सकती.

हमेशा याद रखो  लालच में आकर कभी भी किसी सिद्धि का उपयोग किसी कि हानि के लिए नहीं करना चाहिए.

इस छोटी सी कहानी से हमें सीख मिलती है कि कभी भी अपने फायदे के लिए दूसरे का नुक्सान नहीं करना चाहिए. पैसे कमाना और लाभ कमाना सही है. मगर किसी को नुक्सान पहुंचाकर कमाया गया पैसा कभी सुख नहीं दे सकता.

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17 thoughts on “lalach buri bala hai story in hindi

  • October 31, 2016 at 6:05 pm
    Permalink

    Very nice hindi story

    Reply
  • November 5, 2016 at 2:31 pm
    Permalink

    लालच का परिणाम हमेशा ही बुरा होता है ,इसलिए हमें लालच नहीं करना चाहिए.

    इतनी प्रेरणादायक कहानी के लिए धन्यवाद

    Reply
    • November 7, 2016 at 3:15 pm
      Permalink

      बहुत बहुत धन्यवाद Vishnu Kant Maurya सर जी..

      Reply
  • November 26, 2016 at 4:14 pm
    Permalink

    bohot badhiya story – thank you Jo apne hume provide ki hai.

    Reply
  • December 8, 2016 at 4:51 pm
    Permalink

    very nice story

    Reply
  • December 22, 2016 at 6:02 pm
    Permalink

    Lalach buri bala hai.. yah bilkul satya hai. Lalach har samasya ki zad hai.

    Reply
  • December 24, 2016 at 12:48 am
    Permalink

    very best

    Reply
  • January 8, 2017 at 10:55 pm
    Permalink

    Bahut hi badhiya aur sikh dene wali story.

    Reply
    • January 18, 2017 at 11:09 am
      Permalink

      thank you so much narjis ji hindi story ko padhne ke liye aur apni raye dene ke liye

      Reply

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