Shiv Khera Ki Kahani in Hindi Gubbare Wala

Shiv Khera Ki Kahani in Hindi Gubbare Wala: शिव खेड़ा स्टोरीज

ये Inspirational Shiv Khera Ki Kahani in Hindi Gubbare Wala उनके प्रसिद्ध लोकप्रिय पुस्तक (Books) जीत आपकी से लिया गया है.

Shiv Khera (शिव खेड़ा) अमेरिका (America) में (Qualified Learning Systems) क्वालिफाइड लर्निंग सिस्टम इंको, यु,एस.ए. (U.S.A) के संस्थापक हैं, एक लेखक, business सलाहकार, प्रेरक प्रवक्ता और एक सफल उधमी है.

ये लोगों को उनकी सच्ची क्षमता का एहसास करने में प्रेरित और सूचित करते हैं, वे अपने असरदार सन्देश दुनिया के दूसरी और America से Singapore तक ले जा चुके हैं, उनकी 30 साल की (Research) रिसर्च, सोच-समझ और तजुर्बे ने लाखों लोगों को खुद पर विश्वास और खुशहाली के रास्ते पर बढ़ने में मदद की है.

यह हिंदी कहानी (Shiv Khera Ki Kahani) ऐसे लोगों के लिए नहीं है, जिनमे कामयाबी हासिल करने के लिए न तो पक्का इरादा होता है, न ही इसके लिए वक़्त निकालते हैं और न ही कामयाब होने के लिए कोशिश करते हैं.

यह कहानी आपके लिए है, सीधी सी बात है की आप इस shiv khera ki kahani को पढ़ रहें हैं, जिस से जाहिर होता है की आप अपनी जिंदगी को और भी बेहतर और खुशहाल बनाना चाहेते हैं.

आपकी कामयाबी के रास्ते में यह हिंदी कहानी मददगार साबित हो सकती है.

Inspirational Stories in Hindi by Shiv Khera – शिव खेड़ा की प्रेरणादायी कहानियाँ

एक आदमी मेले में गुब्बारे बेचकर गुजर बसर करता था. उसके पास लाल, नीले, पीले, हरे और इसके अलावा कई रंगों के गुब्बारे थे.

जब उसकी बिक्री कम होने लगती तो वह हीलियम गैस से भरा एक गुब्बारा हवा में उड़ा देता. बच्चे जब उस उड़ते गुब्बारे को देखते, तो खरीदने के लिए पहुचं जाते, और उस आदमी की बिक्री फिर बढ़ने लगती. उस आदमी की बिक्री जब भी घटती, वह उसे बढ़ाने के लिए गुब्बारे उड़ाने का यही तरीका अपनाता.

एक दिन गुब्बारे वाले को महसूस हुआ की कोई उसके जैकेट को खीच रहा है. उसने पलट कर देखा तो वहां एक बच्चा खड़ा था. बच्चे ने उससे से पूछा. अगर आप हवा में किसी काले गुब्बारे को छोड़ें, तो क्या वो भी उड़ेगा?

बच्चे के इस सवाल ने गुब्बारे वाले के मन को छू लिया. बच्चे की और मूड कर उसने जवाब दिया, बेटे गुब्बारा अपने रंग की वजह से नहीं बल्कि उसके अन्दर भरी चीज की वजह से उड़ता है.

Moral Of this Inspirational Motivational Hindi Kahani

दोस्तों हमारी जिंदगी में भी यही उसूल लागु होता है, अहेम चीज हमारी अंदरूनी शख्सियत है, हमारी अंदरूनी शख्सियत की वजह से हमारा जो नजरिया बनता है, वही हमें ऊपर उठाता है, हार्वर्ड विश्वविद्यालय (Harvard University) के विलियम जेम्स (William James) का कहेना है, हमारी पीड़ी की सबसे बढ़ी खोज यह है की इंसान अपना नजरिया बदल कर अपनी जिंदगी को बेहतर बना सकता है.

इनके द्वारा एक मशहूर हिंदी सुविचार जो काफी लोगों को प्रेरित करता है.

जितने वाले कोई अलग काम नहीं करते, वे हर काम अलग ढंग से करते हैं.

इन सभी प्रेरणादायक हिंदी कहानियों को भी जरुर पढ़ें.

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57 thoughts on “Shiv Khera Ki Kahani in Hindi Gubbare Wala

  • December 15, 2016 at 8:20 pm
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    very nice hindi kahani

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  • December 15, 2016 at 11:39 pm
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    बहुत ही प्रेरणादायक हिंदी कहानी है, शिव खेड़ा जी ने बहुत ही सरल सब्दों में बहुत कुछ समझा दी है, धन्यवाद अब्दुल जी जो आपने इस कहानी को शेयर किया है.

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  • December 16, 2016 at 1:19 am
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    शिव खेड़ा द्वारा कही गई कहानियाँ हमेशा प्रेरणादायी होती है. शेयर करने के लिए धन्यवाद.

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    • December 16, 2016 at 10:38 am
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      bahut bahut dhanywad utsav ji, sahi kaha aapne shiv khera sir ki sabhi quotes and kahani bahut hi prernadayak hoti hai in ki likhi gayi har hindi story kaafi inspirational hoti hain

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  • December 16, 2016 at 8:32 pm
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    great motivational hindi story

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  • December 17, 2016 at 4:19 pm
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    kya baat ajkal sabhi log shiv khera ke baare me jyda baate kar rhe hai .Waise aapki post kafi acchi hai.

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  • December 20, 2016 at 5:41 pm
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    bahut hi saral shabdo me kahani ke madhym se aapne jivan jine ka maksad bataya thanks Abdul Bhai

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  • December 23, 2016 at 4:53 pm
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    Nice and motivational story

    – Dheeraj Singh sahisalaah.com

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  • December 24, 2016 at 1:19 pm
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    Dear Acchisoch,
    kafi achi motivational story ke liye mai is site ko read karta rahata hu. apke lekh ka presentation kafi achha hota hai jo padhane me ruchikar hota hai. sukriya acche post ke liye .
    Happy New Year

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    • December 26, 2016 at 11:42 am
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      बहुत बहुत धन्यवाद Reny John जी, ऐसे ही आप सभी की दुआओं और सपोर्ट की जरुरत है, में पूरी कोइश करूँगा आप सभी लोगों को और अच्छे से अच्छी पोस्ट देते रहूँ..धन्यवाद

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  • December 27, 2016 at 12:48 am
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    Bahot hi prernadayak hindi story hai shiv kheda sir ki padh kar ek josh aur junoon aagaya , sach me choti se kahani bhi hume bahot badi sikh de deti hai jivan me

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  • January 2, 2017 at 5:45 pm
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    Your attitude, your values and your vision form the blue print of your success. Anything is possible to achieve by psyching oneself with positive thinking. These were the words of wisdom by motivational speaker and author Shiv Khera who was in Chennai recently.

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  • January 26, 2017 at 11:24 pm
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    बहुत ही बढ़िया article लिखा है आपने। ……..Share करने के लिए धन्यवाद। 🙂 🙂

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  • February 12, 2017 at 9:08 pm
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    Thank you ye story share karne ke liye bahut hi acchi story hai. Mujhe bahut pasand lagi.

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  • February 21, 2017 at 11:05 am
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    shiv khera ki stories kafi motivating hoti h,Thanks for sharing such a Nice post

    Reply
  • March 24, 2017 at 9:21 am
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    bahut badiya article hai bahut helpful lagi apki ye article thanx for sharing..

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  • April 1, 2017 at 9:40 am
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    बहुत अच्छी कहानी धन्यवाद

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  • April 22, 2017 at 9:26 am
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    बहुत ही अच्छा आर्टिकल है सर, बहुत ही प्रेरणादायक है.

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  • April 27, 2017 at 12:34 pm
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    जवानी तुम संसार को देते हो, बुढ़ापा परमात्मा को! तुम्हारे देने से पता चलता है कि मूल्य किसका है। जवानी तुम व्यर्थ को देते हो और बुढ़ापा परमात्मा को! जब शक्ति होती है तब तुम गलत करते हो और जब शक्ति नहीं होती तब तुम कहते हो कि अच्छा करेंगे। जब करने को ही कुछ नहीं बचता, तब तुम कहते हो कि अच्छा करेंगे। जब मरने लगते हो, तब तुम कहते हो समर्पण। और जब तक तुम पकड़ सकते थे, तब तक तुमने कभी समर्पण की बात न सोची। तुम किसे धोखा दे रहे हो? इसलिए तो शंकर कहते हैं, आंख के अंधे। तुम किसे धोखा दे रहे हो?
    जब तक शक्ति है, तब तक करो स्मरण; क्योंकि स्मरण के लिए महाशक्ति की जरूरत है। उससे बड़ा कोई कृत्य नहीं है; वह तुम्हारी समग्रता को मांगता है; वह तुम्हारे रोएं-रोएं, श्वास-श्वास को मांगता है। जब तुम्हारे हाथ-पैर जीर्ण-जर्जर हो जाएंगे, लाठी टेक कर चलने लगोगे, आंख से दिखाई न पड़ेगा, तब तुम स्मरण करोगे? तब तुमसे गोविन्द की आवाज भी न निकलेगी; तब तुम्हारा कंठ भी अवरुद्ध हो गया होगा; तब तुम कहोगे भी मुर्दा-मुर्दा; वह परमात्मा तक पहुंचेगा?
    त्वरा चाहिए; बाढ़ चाहिए; जीवन की पूरी ऊर्जा को दांव पर लगा देने की हिम्मत, तैयारी चाहिए। वह आज ही हो सकता है।
    जिस दिन तुम्हें समझ आ जाए, उसी दिन वानप्रस्थ।
    🍁ओशो🍁
    🌸भजगोविंदम🌸

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  • May 7, 2017 at 7:33 pm
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    सोच भी अच्छी और कहानी भी अच्छी.

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  • May 18, 2017 at 9:56 am
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    महान लोगो की कही गई छोटी सी बात भी हमको बहुत कुछ सिखा सकती है thanks for this post.

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  • June 9, 2017 at 10:10 am
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    बहुत ही अच्छा आर्टिकल है सर, आर्टिकल के लिए धन्यवाद सर.

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  • June 29, 2017 at 4:45 pm
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    bahut hi achha article he lekin aapki website me kafi dino se koi post nai aayi, please update karate rahiye aapke achhe achhe knowldege se

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  • July 2, 2017 at 6:49 pm
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    स्टोरी पढ़कर बहुत ही अच्छा लगा शिव खेरा जी का तो पूरी दुनिया में नाम है और उनकी कहानी जबरदस्त धन्यवाद स्टोरी के लिए

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  • July 6, 2017 at 10:10 pm
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    sir kya me apki site par guest post kar sakta hu internet se related me onlineknowledgeinhindi.com blog ka founder hu.

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